मिर्च के प्रमुख कीट और इनके बचाव के उपाय


(Major pests of Chilli, their effect and preventive measures)

मिर्च मसाला फसलों में अहम भूमिका रखती है| देश में इसकी खेती व्यवासयिक रूप से लगभग सभी states में की जाती है| मिर्च का इस्तेमाल हरी अवस्था के साथ मसाले के रूप में भी होता है| मिर्च उत्पादन को बढ़ाने के लिए इसमें लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान एवं उनसे पौधों पर उत्पन्न लक्षणों के बारे में जानना बहुत जरूरी है| इसलिए मिर्च की फसल में लगने वाले प्रमुख कीट और उनसे उत्पन्न लक्षणों की सम्पूर्ण जानकारी दी जा रही है-

थ्रिप्स (Thrips insect)👇

मिर्च की फसल में थ्रिप्स insect बहुत अधिक नुकसान करता है| इन कीटों के adult और nymph दोनों plants को नुकसान पहुँचाते है| Adult thrips छोटे, पतले और भूरे रंग के पंख रहते है और nymph thrips पीला रहता है| यह insect मिर्च की पत्तियों के निचली सतह पर चिपका रहता है और पत्तियों का रस चूसता है, जिससे पत्तियों में झुर्रियां दिखाई देने के साथ पत्तियां उपर की ओर मुड कर नाव जैसा आकार ले लेती है। ज्यादा दिक्कत होने पर पत्तियों का गुच्छा बन जाता है और plant growth, फूल उत्पादन एवं फलों का बनना रुक जाता है| यह insect वायरस जनित disease को फैलाने में सहायक है|

थ्रिप्स से बचाव व रोकथाम के उपाय (Thrips prevention measures)👇

रोकथाम के लिए स्पीनोसेड़ 45% SC insecticide @ 75 ml या फिप्रोनिल 5% SC @ 400 ml को 200 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ खेत में छिड़काव करे| 



चेपा  या माहु (Aphid insect)👇

ये small, soft body के होते है, जो starting में green colour के होते है और जल्द ही पीले, भूरे या काले रंग में बदल जाते है| ये normally छोटी पत्तियों और टहनियों के कोनों पर colony बनाकर पौधे से रस चूसते है एवं चिपचिपा Honeydew निकालते है| इस मधुरस में fungal और bacterial spore उत्पन होते है, जिससे रोगों की संभावना बढ़ने लगती है| Heavy damage होने पर पत्तियां और टहनियां कुम्हला जाती है या पीली पड़ जाती है|

एफीड से रोकथाम के उपाय (Prevention measures of Aphid)👇

इसके बचाव के लिए recommended fertilizer ही देनी चाहिए| अधिक नाइट्रोजन व irrigation देने पर पौधा रसदार हो जाता है और कीट damage कर देता है| बचाव के लिए थायोमेथोक्सोम 25 डब्लू जी 100 ग्राम या इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL 80 ml एक एकड़ खेत पर प्रति 200 लीटर पानी के साथ स्प्रे करें| Organic तरीके से बवेरिया बेसियाना 250 ग्राम प्रति एकड़ उपयोग किया जा सकता है|

जैसिड (Jassid/ Plant hopper)👇

यह हल्के हरे-पीले रंग के दिखाई देते इसके adult stage में अगले पंखों पर black spot के दो धब्बे पाए है| इस कीट का आक्रमण बुवाई के 15-20 दिन बाद शुरू होता है| प्रभावित पत्तियों के ऊपर Red spot दिखाई देते है तथा ये पत्तियां आगे चलकर yellow होकर नीचे गिर जाती है| प्रभावित पत्तियों में कूपनुमा structure नीचे की ओर बनती है तथा फूल व फल झड़ने शुरू हो जाते है|

जैसिड से रोकथाम के उपाय (Prevention measures of Jaisid)👇

बचाव के लिए थायोमेथोक्सोम 25 डब्लू जी 100 gm या इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL 80 ml एक एकड़ खेत पर प्रति 200 लीटर पानी के साथ स्प्रे करें| 

सफेद मक्खी (White fly)👇

इसके nymph & adult पत्तियों की निचली सतह पर चिपक कर रस चूसते है, जिससे पत्तियां नीचे तरफ मुड़ने लगती है| ये कीट पत्ती मोड़क रोग या चुरक मुरक रोग को फैलाते है| इस कीट का वयस्क (adult) हल्का पीला और पंख सफेद होते है|
रोग के कारण पौधें की पत्तियां छोटी रह जाती है, रंग हल्का-पीला हो जाता है| फल-फूल कम लगते है और पौधा बोना दिखाई देता है| इसके अलावा white fly मोजैक रोग को फैलाने का कार्य भी करती है, जिससे हल्के पीले रंग के घब्बे पत्तियों पर पड़ जाते है। इसके बाद में पत्तियाँ पूरी तरह से पीली हो जाती है|

सफेद मक्खी से रोकथाम के उपाय (Control of White fly)👇

इस कीट के manage के लिए स्पीनोसेड़ 45 SC नामक कीटनाशी की 75 मिली मात्रा या फिप्रोनिल 5% SC की 400 मिली मात्रा या एसिटामिप्रीड 20% SP की 100 ग्राम मात्रा या एसीफेट 50% + इमिडाक्लोप्रिड 1.8% SP की 400 ग्राम मात्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ खेत में छिड़काव कर दे| जैविक माध्यम से बवेरिया बेसियाना 250 ग्राम प्रति एकड़ उपयोग करें|

मकड़ी (Mite)👇

यह छोटे आकार के कीट पत्तियों की सतह से रस चूसते है, जिससे पत्तियां नीचे की ओर मुड जाती है। इन कीटों के खाने से पत्तियों के सतह पर सफेद-पीले रंग के धब्बे हो जाते है| अधिक आक्रमण होने पर पत्तियाँ चमकीली होकर गिर जाती है| ये mite जाल से धीरे- धीरे पुरे पौधें की सतह को ढक लेती है| जिससे फूलों व फलों की संख्या और quality में कमी आती है|

माइट से रोकथाम के उपाय (Control of Mite)👇

इसका नियंत्रण माईटीसाइड से किया जाता है| प्रोपरजाईट 57% EC की 2 मिली मात्रा या एबामेक्टिन 1.9% EC की 0.4 मिली या घुलनशील सल्फर 1.5 ग्राम एक लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करे| 

सफेद लट्ट (White grub)👇

मिट्टी में रहने वाली सफेद-क्रीम रंग की लट्ट है, जिसे छूने पर इंग्लिश के C आकार में मूड जाती है| जमीन के नीचे सर्दियों के दौरान dormancy period में प्यूपा में रहती है और जून- जुलाई के महीने में पहली बारिश के समय इसके adult दिखाई देते है| बारिश में ये कीट प्रजनन कर मिट्टी में फिर से अंडे देने लगती है| इसका adult और grub दोनों अवस्था नुकसान करती है| इसके grub जमीन के अंदर से plant की root को खाते है, जिससे पौधा पीला होकर सुखकर मर जाता है|

सफेद लट्ट से बचाव व रोकथाम के उपाय (Preventive measures of White grub)👇

गर्मी में खेतों की गहरी जुताई करने से अधिक धूप और गर्मी से इसके अंडों को नष्ट किया जा सकता है| जैविक नियंत्रण करने के लिए एक किलो मेटारीजियम एनीसोपली (metarhizium anisopliae) को 50 किलो गोबर की खाद (FYM) या कम्पोस्ट खाद में मिलाकर खेत में मिला देना चाहिए| 
इसके अलावा chemical method से फेनप्रोपेथ्रिन (Fenpropathrin 10% EC) 10% EC @ 500 ml या क्लोथियानिडीन (CLOTHIANIDIN 50% WDG) @100 ग्राम प्रति एकड़ की दर से में 200 लीटर पानी में मिलाकर drenching करें| या फिर बालू रेत या यूरिया में मिलाकर खेत में छिड़काव कर दे और बाद में सिंचाई कर दे।

तम्बाकू इल्ली (Tobacco Caterpillar)👇

इस कीट की तीन stages होती है- पहली अवस्था eggs, दूसरी अवस्था larva या इल्ली के रूप में होती है जो पौधे को अधिक नुकसान पहुँचाती है| ये इल्लीयां groups में रहती है| इनकी body हल्के हरे colour की जिसमें black spot रहता है तथा काले रंग का सर होता है|
इसकी last या third stages वयस्क के रूप में होती है| इसका शरीर भूरे रंग का, आगे के पंख लहरदार सफेद चिह्नों के साथ भूरे रंग के रंग होते हैं, तथा पीछे की तरफ सफेद रंग के पंख पर brown निशान होते हैं। छोटी इल्लिया पहले पत्तियों को खुरचती है, जिससे पत्तियां सफेद हो जाती है| और उसके बाद इल्ली फलों में गोल छेद बनाकर उसके अंदर के भाग को खाती है| जिससे fruit सड़ जाते है|

तम्बाकू इल्ली से बचाव व रोकथाम के उपाय (Control of Tobacco Caterpilar)👇

प्रोफेनोफोस + सायपरमेथ्रिन (Profenophos 40% + Cypermethrin 4% EC)) @ 400 ml प्रति एकड़ या इमामेक्टिन बेंजोएट (Emamectin Benzoate 5% SG) 5% SG @100 ग्राम/एकड़ या फ्लूबेन्डियामाइड (FLUBENDIAMIDE 20% WG) @ 100 ग्राम/एकड़ या क्लोरानट्रानिलीप्रोल (Chlorantraniliprole 18.5% SC) 18.5% SC @ 60 ml प्रति एकड़ या नोवालूरान + इमामेक्टिन बेंजोएट (Novaluron 5.25% + Emamectin Benzoate 0.9% SC) @ 600 ml /एकड़ की दर से spray करें।
जैविक तरीके से बवेरिया बेसियाना (BEAUVERIA BASSIANA) @ 250 gram प्रति एकड़ की दर से spray करें|

फल छेदक इल्ली (Fruit borer)👇

इस कीट की 4 शारीरिक अवस्थाएं होती है- first stage गोलाकार सफेद अंडे के रूप में, दूसरी लार्वा या इल्ली के रूप में होती है जो plants के लिए अधिक नुक़सानदेह है| इनकी body हरे रंग का या भूरे रंग की होती है| Third stage प्यूपा है जो भूरे रंग का होता है और dormancy में मिट्टी, फसल अवशेष, फल या पत्तियों में छिपा रहता है|
Last stage में Female भूरे पीले रंग का मोटा पतंगा और नर V shape के निशानों के साथ हल्के हरे रंग का होता है। Starting stage में caterpillar/ इल्ली पत्तियों को खाती है तथा बड़ी होने पर फलों में छेद बनाकर प्रवेश करती है और फल सड़ा देती है|
कीट की रोकथाम के लिए प्रोफेनोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% EC @ 400 ml प्रति एकड़ या इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG @100 gram प्रति एकड़ की दर से स्प्रे करें।

फल छेदक इल्ली से बचाव व रोकथाम के उपाय (Control of Fruit borer) 👇

इसके प्रबधन के लिए Profenophos 40% + Cypermethrin 4% EC @ 400 ml/एकड़ या Emamectin Benzoate 5% SG @100 ग्राम/एकड़ या FLUBENDIAMIDE 20% WG @100 ग्राम/एकड़ या लैम्डा साइहेलोथ्रिन 4.6% + क्लोरानिट्रानिलीप्रोल 9.3% ZC (Lambda Cyhalothrin 4.6% + Chlorantraniliprole 9.3% ZC) @ 80 मिली/एकड़ की दर से छिड़काव करें। इसके biological treatment लिए बवेरिया बेसियाना @ 500 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव करें।

मिलीबग (Melaybug)👇

इस कीट के शिशु और adult female दोनों ही फसल को नुकसान पहुँचाते है| ये भी फूल, फल और मुलायम टहनियों के रस को चूसकर पौधें को कमजोर बनाते है| यह Honeydew स्त्रावित करता है जिसके ऊपर harmful fungus विकसित हो जाती है और प्रकाश संश्लेषण भी ढंग से हो नहीं पाता है| इस insect से control के लिए थायोमेथोक्सोम 12.6% + लेम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 9.5% ZC @ 80 gram या 35 ml क्लोरोपायरीफास 20% EC को 15 लीटर पानी की दर से फसल पर spray करे|

मिलीबग से बचाव व रोकथाम के उपाय (Preventive measures of Mealybug)👇

Lambda cyhalothrin 9.5% + Thiamethoxam 12.6% ZC 80 ग्राम या 35 ml क्लोरोपायरीफास 20% EC का 15 लीटर पानी वाली टंकी में मिलाकर स्प्रे करे| जैविक तरीके से नियंत्रण करने के लिए 75 ग्राम वर्टिसिलियम या BEAUVERIA BASSIANA को 15 लीटर पानी की दर से फसल पर छिड़काव करे|

आपका कोई भी सुझाव या जानकारी सहृदय आमंत्रित है| कमेन्ट करके जरूर बताए ....धन्यवाद🙏

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